Smt. Sarita Singh

Director

प्रिय अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं शुभचिंतकों,

एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण सशक्त शिक्षा से होता है, और सशक्त शिक्षा का आधार है—संस्कार, ज्ञान, कौशल और मानवीय मूल्यों का समन्वय। एस.आर.वी.एस. परिवार का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शिक्षित करना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफल, संवेदनशील और उत्तरदायी नागरिक के रूप में विकसित करना है।

आज का युग तीव्र परिवर्तन, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का युग है। ऐसे समय में शिक्षा का स्वरूप केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रह सकता। आवश्यकता है ऐसी शिक्षा की जो विद्यार्थियों में जिज्ञासा, सृजनशीलता, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता तथा जीवन कौशलों का विकास करे। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हमारे विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) की भावना के अनुरूप समग्र, अनुभवात्मक एवं विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण वातावरण विकसित किया जा रहा है।

एस.आर.वी.एस. की विभिन्न शाखाएँ—सिकंदरपुर, पचफेड़वा, कन्हाईपुर, तियरी और शिवपुर—अपने-अपने क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रकाश फैला रही हैं। आगामी वर्षों में लखनऊ एवं रामनगर में स्थापित होने वाली नई शाखाएँ भी इसी उत्कृष्ट परंपरा को आगे बढ़ाएँगी। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी को आधुनिक संसाधनों, उत्कृष्ट शिक्षकों और प्रेरणादायक वातावरण से युक्त शिक्षा उपलब्ध हो।

हमारा पंचकोश आधारित शैक्षिक दृष्टिकोण विद्यार्थियों के शारीरिक, प्राणिक, मानसिक, बौद्धिक तथा आनंदमय विकास को समान महत्व देता है। हमारा विश्वास है कि जब शिक्षा ज्ञान के साथ चरित्र, करुणा और संस्कृति का भी विकास करती है, तभी वह वास्तव में सार्थक बनती है।

मैं सभी अभिभावकों का विशेष आभार व्यक्त करती हूँ, जिन्होंने अपने बच्चों के भविष्य के लिए एस.आर.वी.एस. परिवार पर विश्वास व्यक्त किया है। साथ ही, हमारे समर्पित शिक्षकों और कर्मियों के अथक प्रयासों को भी नमन करती हूँ, जिनके सहयोग से हम अपने शैक्षिक उद्देश्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त कर रहे हैं।

आइए, हम सभी मिलकर ऐसे शिक्षण समुदाय का निर्माण करें जहाँ प्रत्येक बालक स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित, प्रेरित और समर्थ महसूस करे तथा अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सके।

*"शिक्षा का उद्देश्य केवल बुद्धि का विकास नहीं, बल्कि हृदय, चरित्र और व्यक्तित्व का भी निर्माण है।"*

सादर,

*श्रीमती सरिता सिंह*
*निदेशक*
*एस.आर.वी.एस. समूह संस्थान*