Shri. Chatrabali Singh ( MD )

Managing Director

प्रिय अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं शुभचिंतकों,

शिक्षा केवल ज्ञानार्जन का माध्यम नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार संवर्धन और समाज को नई दिशा देने का सबसे सशक्त साधन है। इसी विश्वास के साथ एस.आर.वी.एस. संस्थान की स्थापना की गई, ताकि ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उनके अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण, मूल्यपरक एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।

आज हमें गर्व है कि एस.आर.वी.एस. परिवार निरंतर विस्तार करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता की नई पहचान स्थापित कर रहा है। हमारी शाखाएँ सिकंदरपुर (चकिया-चंदौली), पचफेड़वा (मुगलसराय-चंदौली), कन्हाईपुर (अहरौरा-मिर्जापुर),तियरी (शाहबगंज-चंदौली) तथा भेलखा (शिवपुर-वाराणसी) में सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं। इन सभी संस्थानों का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा प्रदान करना है जो उन्हें ज्ञान, कौशल, संस्कार और आत्मविश्वास से समृद्ध बनाए।

हमें यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि लखनऊ के सुल्तानपुर रोड पर एस.आर.वी.एस. की नई शैक्षिक परियोजना विकसित की जा रही है, जहाँ विद्यालय के साथ-साथ उच्च शिक्षा के अवसरों का भी विस्तार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, वाराणसी के रामनगर क्षेत्र में एस.आर.वी.एस. स्कूल की एक नई शाखा शीघ्र ही प्रारम्भ होने जा रही है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और अधिक विद्यार्थियों तक पहुँचाने के हमारे संकल्प को सशक्त बनाएगी।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप हमारा लक्ष्य विद्यार्थियों के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। हम ऐसी शिक्षा व्यवस्था के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं जो ज्ञान के साथ-साथ जीवन मूल्यों, रचनात्मकता, नवाचार, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करे। पंचकोश आधारित शिक्षण दर्शन के माध्यम से हम विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास को समान महत्व देते हैं।

मेरा दृढ़ विश्वास है कि प्रत्येक बालक में असाधारण क्षमता निहित होती है। उचित मार्गदर्शन, सकारात्मक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से वह अपने जीवन के सर्वोच्च लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है। एस.आर.वी.एस. परिवार इसी विश्वास के साथ विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए तैयार कर रहा है।

मैं सभी अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा समाज के सम्मानित नागरिकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ, जिनके विश्वास, सहयोग और शुभेच्छाओं ने एस.आर.वी.एस. को निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रखा है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम सब मिलकर शिक्षा, संस्कार और उत्कृष्टता की इस यात्रा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँगे।

*"विद्या केवल जीवनयापन का साधन नहीं, बल्कि जीवन को सार्थक बनाने का माध्यम है।"*

सादर,

*श्री छत्रबली सिंह*
*प्रबंध निदेशक*
*एस.आर.वी.एस. समूह संस्थान*